Good Motto Blog

Raising Values Through Words

विश्वकर्मा पूजा हर साल क्यों की जाती है। जानिए क्या है महत्व

vishwakarma puja 2022 vishwakarma puja 2022 date vishwakarma puja 2022 mein kab hai vishwakarma puja 2022 mein vishwakarma puja 2022 after diwali vishwakarma puja 2022 day vishwakarma puja 2022 tithi vishwakarma puja 2022 timing 2020 vishwakarma puja date
Vishwakarma Puja 2022

विश्वकर्मा पूजा हर साल 17 सितंबर को ही क्यों मनाई जाती है इसके बारे में आज हम बात करने वाले हैं। ऐसा माना जाता है कि भगवान विश्वकर्मा को दुनिया का पहला इंजीनियर भी कहा जाता है धार्मिक मान्यताओं के अनुसार और यही कारण है की विश्वकर्मा देवताओं के शिल्पकार और वास्तुकार के नाम से भी जाने जाते है।  

विश्वकर्मा पूजा के दिन क्या कुछ किया जाता है

इस दिन उद्योगों और फैक्टरी समेत मशीन और टूल की पूजा की जाती है। पुरानी मान्यताओं के अनुसार से भगवान विश्वकर्मा अकेले ऐसे देवता है जो कि हर हाल में सूजन के देवों के देवता रहे हैं। विश्वकर्मा को ही दुनिया का पहला इंजीनियर माना जाता है इसीलिए विश्वकर्मा पूजा के दिन सभी प्रकार की मशीनों की पूजा की जाती है।


त्यौहार का नाम

विश्वकर्मा पूजा

इस दिन क्या किया जाता है

इस फैक्ट्री कारखाने और औजारों की पूजा की जाती है

विश्वकर्मा देवता को किस रूप में जाना जाता है

विश्वकर्मा देवता को संसार के सबसे बड़े इंजीनियर के रूप में जाना जाता है

विश्वकर्मा ने किस चीज का निर्माण किया था। 

कण का कुंडल, विष्णु का सुदर्शन चक्र, पुष्पक विमान, भगवान शिव का त्रिशूल, हमराज़ कॉल दंड

विश्वकर्मा पूजा की भारत में कितनी ज्यादा अहमियत है

विश्वकर्मा पूजा की भारत में काफी ज्यादा अहमियत है

विश्वकर्मा पूजा इस साल किस दिन है

विश्वकर्मा पूजा इस साल 17 सितंबर को है

विश्वकर्मा देवता का जन्म किस दिन हुआ था

विश्वकर्मा देवता का जन्म 17 सितंबर को हुआ था



विश्वकर्मा वही देवता थे जिन्होंने कण का कुंडल, विष्णु का सुदर्शन चक्र, पुष्पक विमान, भगवान शिव का त्रिशूल, हमराज़ कॉल दंड इन सभी का निर्माण किया था। विश्वकर्मा के पुत्र से उत्पन्न हुआ महान कुल राजा पवित्र ने विश्वकर्मा की पुत्री बहिष‌मृती से विवाह किया था। इनसे आकृति ज्ञात बहू मेघा तिथि आदि 10 पुत्र का जन्म हुआ था।

विश्वकर्मा का जन्म कब हुआ था

विश्वकर्मा का जन्म 17 सितंबर को हुआ था इसीलिए हर 17 सितंबर को फैक्ट्री और कारखानों में विश्वकर्मा मनाया जाता है। विश्वकर्मा भगवान जी के पिता का नाम वासुदेव था। वही माता का नाम अगिरसी था। इनके 5 पुत्र थे मनु मय त्वष्टा शिल्पी एवं देवज्ञ। 

विश्वकर्मा पूजा हर साल 17 सितंबर को मनाई जाती है। इस जानकारी के साथ आइए जानते हैं कि विश्वकर्मा कौन थे और इनकी पूजा कैसे की जाती है। कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा को भगवान विश्वकर्मा का जन्म हुआ था। भगवान विश्वकर्मा के जन्मदिन को विश्वकर्मा पूजा के रूप में मनाया जाता है। पूरी का देश छोड़कर बाकी सभी देशों में विश्वकर्मा पूजा धनतेरस के ठीक अगले दिन पर मनाई जाती है।   

ऐसा माना जाता है कि भगवान श्रीकृष्ण की नगरी द्वारका और रावण की नगरी, भगवान विष्णु का सुदर्शन चक्र, भगवान शिव के चरित्र का निर्माण विश्वकर्मा ने ही किया था। इसके अलावा जगन्नाथ मंदिर भी विश्वकर्मा द्वारा ही बनाया गया था। यही कारण है कि सभी फैक्ट्री और कारखानों में विश्वकर्मा पूजा मनाई जाती है।


विश्वकर्मा पूजा के बारे में तो आप सभी जान चुके है।  साथ ही साथ हमारी जानकारी में आपके लिए शेयर करने के लिए विश्वकर्मा पूजा कोट्स शायरी और स्टेटस दिए गए है जिसे आप अपनी जरुरत अनुसार शेयर कर सकते है।  जाते समय हम आपको एक महत्वपूर्ण जानकारी आपको बताना चाहते है की विश्वकर्मा पूजा हो या फिर कोई और दिन हमें हमेशा कुछ भी कार्य करने से पहले अपने मशीन औजार ऑफिस और कारखाने की पूजा हर दिन करनी चाहिए।  

 

Updated: September 9, 2022 — 7:21 am

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Good Motto Blog © 2022 Frontier Theme